जमीन एवं आवास बचाओ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में शांतिपूर्ण आक्रोश मार्च
रविवार, 9 अगस्त 2026
Comment
आज जमीन एवं आवास बचाओ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में कंगन घाट से खाजेकला घाट होते हुए नौजर घाट तक"शांतिपूर्ण आक्रोश मार्च" निकाला गया। मार्च में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष शामिल हुए।
प्रदर्शन का नेतृत्व मोर्चा के संयोजक बलराम चौधरी, माले नेता श्री राम नारायण सिंह, सीपीआई नेता श्री देवरत्न प्रसाद, श्री शंभू प्रसाद, राजद नेता मो. जावेद, अजीत कुशवाहा, भुवनेश्वर राय, समाजसेवी सुजीत गुप्ता, उदय यादव, सुधीर यादव, रवींद्र राय, गौरव कुमार, अतुल कुमार, अंजू पांडे, कावेरी देवी, लक्ष्मी देवी सहित बड़ी संख्या में लोगों ने किया।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारे लगाए—
“बुलडोजर की सरकार नहीं चलेगी!”
“बुलडोजर दिखाकर जमीन हड़पना बंद करो!”
“थाना संख्या 110 को 170 बताकर माननीय न्यायालय को गुमराह करना बंद करो!”
“गरीबों को बेघर करना बंद करो!”नौजर घाट पहुंचने के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए बलराम चौधरी एवं राम नारायण सिंह ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करते हुए वे कहना चाहते हैं कि बिहार सरकार द्वारा थाना संख्या 110 को 170 बताया जा रहा है, जिससे माननीय न्यायालय के समक्ष स्थिति को लेकर भ्रम पैदा हो रहा है।उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सैकड़ों वर्षों से लोग अपना जीवन बसर कर रहे हैं। गरीब मजदूरों ने चौका-बर्तन एवं अन्य मजदूरी कर एक-एक पैसा जोड़कर अपने रहने का आशियाना बनाया है। इसके बावजूद सरकार उन्हें बेघर करने की कार्रवाई कर रही है।उन्होंने कहा कि थाना संख्या 110 की जमीन पर खाजेकला शवदाह गृह तथा गायघाट में अंतर्राष्ट्रीय जहाजरानी से संबंधित परियोजना के लिए किसानों को मुआवजा दी वो है। ऐसे में जमीन के दस्तावेजों और वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।सभा को संबोधित करते हुए राजद नेता मो. जावेद, सीपीआई नेता देवरत्न प्रसाद, श्री मुनेश्वर राय, रवींद्र राय, शंभू शरण प्रसाद एवं अंजू पांडे ने कहा कि दिनांक 05 अगस्त को लगभग 290 लोगों द्वारा न्यायालय/अंचलाधिकारी, पटना सिटी के समक्ष जमीन से संबंधित दस्तावेज जमा किए गए थे। इसके बावजूद बिजली विभाग द्वारा विद्युत आपूर्ति बंद करने की कार्रवाई की जा रही है।वक्ताओं ने कहा कि जमीन संबंधी विवाद पर न्यायिक निर्णय आने से पहले बिजली काटने की कार्रवाई करना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि जब तक मामले पर विधिवत न्यायिक निर्णय नहीं हो जाता, तब तक प्रभावित लोगों की विद्युत आपूर्ति बाधित न की जाए।प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उदय यादव, सुधीर यादव, रवींद्र राय, अतुल कुमार दिलीप कुमार एवं गौरव कुमार ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक नागरिक को जीवन जीने और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है। सरकार को गरीबों के आशियाने उजाड़ने के बजाय उनके अधिकारों और जीवन-यापन की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।मोर्चा के श्री गोपाल साव एवं श्री संजय गुप्ता ने देश के महामहिम माननीय राष्ट्रपति महोदय से अनुरोध करते हुए कहा है कि इस समस्या के समाधान हेतु मानवीय एवं जनहित को देखते हुए अपने स्तर से हस्तक्षेप करने की मांग की है!
0 Response to "जमीन एवं आवास बचाओ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में शांतिपूर्ण आक्रोश मार्च"
एक टिप्पणी भेजें