रिवाह बाए तनिष्क का नया 'मैथिली' कलेक्शन, मधुबनी कला की कालजयी सुंदरता और आधुनिक शादियों के उत्साह के सम्मान में शानदार सौगात
रविवार, 12 अप्रैल 2026
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रिवाह बाए तनिष्क का नया 'मैथिली' कलेक्शन, मधुबनी कला की कालजयी सुंदरता और आधुनिक शादियों के उत्साह के सम्मान में शानदार सौगात
- अक्षय तृतीया की शुभ सौगात, मधुबनी कला की अनमोल विरासत के साथ-
अक्षय तृतीया का पावन पर्व यानी नई शुरुआत की उमंग और शहनाईयों की गूंज। इस शुभ अवसर पर तनिष्क का वेडिंग ज्वेलरी सब-ब्रांड 'रिवाह बाए तनिष्क' ने पेश किया है अपना विशेष ब्राइडल ज्वेलरी कलेक्शन 'मैथिली'। क्षेत्र की संस्कृति की झलक दिखाता हुआ यह कलेक्शन, मधुबनी कला की शाश्वत सुंदरता से प्रेरित है। मधुबनी कला के पक्षियों, साथिर्या, गीर्ती और परंपराओं से प्रेरित इस कलेक्शन में कमल, मोर और मछली जैसे सुंदर रूपांकनों को सोने की कलाकृतियों में बहुत ही खूबसूरती से उतारा गया है। 18 कैरेट सोने का यह वेडिंग कलेक्शन, सूक्ष्म कलाकारी और आधुनिक कारीगरी का एक बेहतरीन संगम है। इस भव्य प्रदर्शन का आयोजन 12 अप्रैल को ताज सिटी सेंटर, पटना, बिहार में किया गया था। इस कलेक्शन को साह
गौरव कृष्ण (रीजनल बिजनेस हेड, ईस्ट), सुनील राज (एवीपी-रिटेल हेड, तनिष्क) और मोनी शंकर सेनगुप्ता (रीजनल बिजनेस मैनेजर, तनिष्क ईस्ट-2) द्वारा लॉन्च किया गया। यह इस क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस अभियान का चेहरा बनर्जी अक्षरा सिंह ने लॉन्च की सांस्कृतिक गरिमा को बढ़ाते हुए, कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। उन्होंने आधुनिक मैथिली नारी के स्वरूप को जीवंत कर दर्शकों के साथ जुड़ाव को और गहरा बनाया।
बारीक फिलीयी, जटिल रवा कारीगरी और प्रतीकात्मक बारीकियों से इस कलेक्शन को सजाया गया है। यह सिर्फ आभूषण नहीं, अटूट साथ की निशानी और दुल्हन के खूबसूरत सफर की कहानी हैं। चोकर और हार से लेकर झुमके और नथिया तक यह कलेक्शन पेश करता है बिहारी शादी की हर रस्म के लिए दुल्हन का संपूर्ण श्रृंगार। सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण चूडामणि का सम्मान करते हुए, तनिष्क ने रामायण काल के इस पारंपरिक आभूषण को आज की दुल्हन के लिए एक नया रूप दिया है। यह न केवल एक बहुमूल्य विरासत है, बल्कि दुल्हन के व्यक्तित्व की सुंदर अभिव्यक्ति भी है। आज की आधुनिक दुल्हन की पसंद को ध्यान में रखते हुए, इसे पेंडेंट की तरह भी पहना जा सकता है। अशोक वाटिका, पुष्पक विमान और भगवान राम के धनुष-बाण से प्रेरित ये डिज़ाइन, इस कलेक्शन को हमारी महान विरासत और कहानियों से गहराई से जोड़ते हैं।
इस कलेक्शन की एक और खूबी है, अपनी तरह का पहला, बहुत ही अनोखा 'मॉड्यूलर मांग टीका'। इस बहुपयोगी डिज़ाइन को आप अपनी पसंद के हिसाब से अलग-अलग तरह से पहन सकती हैं। कमल और मोर के पारंपरिक रूपांकनों से सजा यह मांग टीका सिर्फ एक दिन के लिए नहीं है। इसके हिस्सों को अलग कर आप पेंडेंट की तरह पहन सकती हैं, ताकि आपकी सांस्कृतिक विरासत शादी के बाद भी आपके श्रृंगार का हिस्सा बनी रहे। इस नवाचार ने हर आभूषण को न केवल सुंदर और अर्थपूर्ण बनाया है, बल्कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में पहनने के लिए भी पूरी तरह आसान और आरामदायक भी किया है। आज की दुल्हन के लिए क्यों खास है 18 कैरेट सोना
सोने की बढ़ती कीमतों और दुल्हनों की बदलती पसंद को देखते हुए, परिवार अब ऐसे आभूषण चाहते हैं जिनमें संस्कृति की असली पहचान और व्यावहारिकता का सही संतुलन हो। 18 कैरेट सोने में बनाया गया 'मैथिली' कलेक्शन मधुबनी कला की बारीक नक्काशी और हल्के, पहनने में आसान डिजाइन्स को मुमकिन बनाता है। कलेक्शन की खासियत है डिज़ाइन की वर्सटैलिटी, इन 'डुअल-यूज' डिजाइन्स को शादी के साथ-साथ दूसरे कई खास मौकों पर भी सहजता से पहना जा सकता है।
'मैथिली' कलेक्शन सोने के भावनात्मक मूल्य और निवेश संबंधी अहमियत को बरकरार रखता है, और साथ ही इसे आज की आधुनिक दुल्हन की बदलती जीवनशैली के अनुरूप ढालता है। यह सुनिश्चित करता है कि शादी के आभूषण केवल विवाह उत्सव तक ही सीमित न रहें, बल्कि आपके जीवन के हर खास पल का हिस्सा बनें।'मैथिली' का चेहरा इस कलेक्शन के लिए, तनिष्क ने एक विशेष क्षेत्रीय अभियान प्रस्तुत किया है, जिसमें अक्षरा कलेक्शन का चेहरा बनी हैं। अपनी गहरी सांस्कृतिक जड़ों और विशिष्ट व्यक्तित्व के साथ, वह इस कहानी में गहराई जोड़ती हैं, और आधुनिक मैथिली दुल्हन के जज्बे को जीवंत करती हैं। उनके साथ यह अभियान मधुबन सुंदरता और इस कलेक्शन की बेमिसाल कारीगरी को जीवंत करता है। यह उस महिला का सम्मान है जो अपनी विरासत को आत्मविश्वास और अपनी पहचान के साथ आगे ले जाती है। अक्षरा सिंह का इस अभियान में जुड़ना कलेक्शन के सांस्कृतिक जुड़ाव को और मजबूत करता है। वह अप्रैल में पूरे क्षेत्र में होने वाले लॉन्च कार्यक्रमों की शोभा बढ़ाएंगी, जिससे बिहार के लोगों के साथ ब्रांड का भावनात्मक रिश्ता और भी गहरा होगा।
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